झारखंड - CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, 23 भर्तियों की होगी CID जांच

झारखंड - CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, 23 भर्तियों की होगी CID जांच

​The Jagran News: झारखंड में बड़ा एक्शन - CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, 2013 से अब तक की 23 भर्तियों की होगी CID जांच

​झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधली पर राज्य सरकार ने मंगलवार रात 11:45 बजे एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने JSSC CGL समेत कुल 22 भर्ती परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही साल 2013 से 2022 के बीच हुई 23 पुरानी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच अब CID को सौंप दी गई है। वहीं, 6 अन्य भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को अगले आदेश तक के लिए पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है। सरकार के इस बड़े फैसले से कुल 45 परीक्षाएं सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं।

​जांच पूरी होने तक स्थगित रहेंगी 6 परीक्षाएं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि JPSC की 6 परीक्षाओं की जांच CID को दी गई है। परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी के क्रेडेंशियल्स पर सवाल उठने के कारण इन 6 परीक्षाओं का काम तब तक रुका रहेगा, जब तक CID अपनी जांच पूरी नहीं कर लेती। वहीं, JSSC CGL को रद्द करने के पीछे का मुख्य कारण परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतों पर गठित SIT की जांच और एजेंसी को लेकर चल रही CID जांच में मिले तथ्य हैं।

​परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 3 बड़े फैसले

भविष्य में ऐसी धांधली रोकने के लिए सरकार ने तीन अहम कदम उठाए हैं:

​फास्ट ट्रैक कोर्ट: मामलों की हाई कोर्ट से सीधे मॉनिटरिंग के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।

​इंटरनल मॉनिटरिंग सेल: JPSC और JSSC में गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक इंटरनल मॉनिटरिंग सेल बनेगा।

​कौशल कमिटी: परीक्षा सुधार के लिए 'कौशल कमिटी' का गठन किया गया है, जो 2 महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

​सरकार के फैसले के बाद खड़े हुए 4 बड़े सवाल

इस मास्टरस्ट्रोक के बाद भी छात्रों और सिस्टम के सामने कई सवाल कायम हैं:

​क्या धांधली कराने वाली विवादित एजेंसी को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा?

​इन रद्द परीक्षाओं के कारण जो छात्र ओवरएज (overage) हो गए हैं, क्या उन्हें नई परीक्षा में उम्र सीमा में छूट मिलेगी?

​2013 से 2021 के बीच हुई भर्तियों वाले जो अफसर अभी कार्यरत हैं, अगर CID जांच में धांधली साबित होती है, तो उनके भविष्य का क्या होगा?

​क्या 'कौशल कमिटी' सिर्फ सुझाव देगी या JPSC का पूरा एग्जाम कैलेंडर नए सिरे से तैयार किया जाएगा?